Tuesday, July 17News That Matters

हर ट्रांसपोर्टर को जीएसटी लेना आवश्यक नहीं

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के अनुपालन में ट्रांसपोर्टरों की बड़ी भूमिका है, क्योंकि माल को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। लिहाजा इन्हें यह जानना बेहद आवश्यक है कि नई कर-व्यवस्था से वह कैसे जुड़ सकते हैं।

ये बातें झारखंड राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त (अपील) अजय कुमार सिन्हा, उपायुक्त सीएल शर्मा व सहायक आयुक्त संजय गुप्ता ने बुधवार की कार्यशाला में कहीं। वाणिज्य कर भवन में ट्रांसपोर्टरों से संवाद स्थापित करते हुए सिन्हा ने बताया कि हर ट्रांसपोर्टर को जीएसटी नंबर लेना आवश्यक नहीं है, यदि वह किसी एक कंपनी, को-आपरेटिव सोसाइटी, क्लब या किसी संस्था के लिए परिवहन सेवा उपलब्ध कराते हैं। यदि कोई ट्रांसपोर्टर इसके अलावा बाजार या व्यक्तिगत लोगों का सामान भी ढोता है और उसे सेवा के बदले साल में 20 लाख रुपये से अधिक की आय होती है तो जीएसटी नंबर लेना होगा। कार्यशाला की शुरुआत में ट्रांसपोर्टरों को वीडियो सीडी दिखाई गई, जिसमें केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया के अलावा उपेंद्र गुप्ता व महेंद्र सिंह ने जीएसटी की मूलभूत जानकारी उपलब्ध कराई। यह सीडी दूरदर्शन में प्रसारित हो चुकी है। चूंकि इसमें काफी सरल व स्पष्ट तरीके से जीएसटी की हर जानकारी उपलब्ध कराई गई है, लिहाजा इसे झारखंड राज्य कर विभाग भी दिखा रहा है।

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ट्रांसपोर्ट में कंपोजिशन नहीं

जीएसटी में 20 लाख रुपये से कम का व्यवसाय करने वाले को निबंधन कराना अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो कराना है, करा सकते हैं। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए कंपोजिशन स्कीम नहीं है, जो अन्य कारोबारियों के लिए है। जीएसटी में 75 लाख रुपये तक के व्यवसायी कंपोजिशन स्कीम में जा सकते हैं, लेकिन सेवा क्षेत्र में यह सुविधा सिर्फ रेस्टोरेंट को दी गई है।

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..तो हर राज्य में कराना होगा निबंधन

जीएसटी में एक प्रावधान है कि कोई भी व्यवसायी एक स्थान पर आफिस खोलकर पूरे देश में एक ही नंबर पर व्यवसाय कर सकता है। इसमें यह भी प्रावधान है कि यदि कारोबारी ने अलग-अलग राज्यों में ऑफिस खोल रखा है, जहां से वह पार्टियों को इन्वायस भी जारी करता है, तो उसे उन राज्यों में अलग से जीएसटी का निबंधन कराना होगा।

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कार्यशाला

साकची स्थित वाणिज्य कर भवन में गुरुवार को भी जीएसटी की कार्यशाला होगी। इसके पहले चरण में सुबह 11 से दो बजे तक वीडियो सीडी का प्रसारण किया जाएगा, जबकि दोपहर तीन बजे से व्यापारियों को निबंधन, चालान, इन्वायस, जॉब वर्क के बारे में जानकारी दी जाएगी।

(Source: Jagran)

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